Rajasthan Government Jobs 2017:Not Passing Order For Recruitment

Sarkari Naukri 2017:बेरोजगारों को रूला रही है सरकार,युवाओं का नौकरी का सपना…

The pain of unemployed people of the Rajasthan state government Jobs 2017 or sarkari naukri 2017 has been entangled in the rajasthan state. Other controversy with questions are entangled with recruitments and the silence of the government is putting the barriers in new trouble.

Education Department: Waiting for Third Grade Recruitment: The maximum wait for more than one million BED degree holders in the state is of the third category teacher recruitment examination. Because the government has not been able to complete any recruitment in the last three-and-a-half year term. The government also changed the pattern for this recruitment. But it could not even fulfill the jobless job of the unemployed.
Medical: Expectation from Nursing Recruitment: The medical department is not resolving the screw of old recruitments. New recruitment has been announced many times. But the release was not released yet. While two to three recruits have been recruited in neighboring states.

प्रदेश के बेरोजगारों का दर्द सियासत में उलझ गया है। प्रश्न सहित अन्य विवाद भर्तियों को उलझा रहे हैं और सरकार की चुप्पी बेरेाजगारों को नई मुसीबत में डाल रही है। सुराज संकल्प यात्रा में 15 लाख नौकरियों का दावा करने वाली सरकार पुरानी भर्तियों के पेंच भी नहीं सुलझा पा रही है। भर्तियों की आस में युवा पिछले तीन वर्ष से तैयारी में जुटे हैं। लेकिन सरकार नई भर्तियों का तोहफा नहीं दे पा रही है। जबकि प्रदेश के 13 अहम विभागों में 80 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। शनिवार को पुलिस विभाग में 5500 पदों पर भर्ती के एेलान से युवाओं की उम्मीद जगी है। लेकिन अन्य महकमों में भर्ती का बेसब्री से इंतजार है।

शिक्षा विभाग: थर्ड ग्रेड भर्ती का इंतजार : प्रदेश के दस लाख से अधिक बीएड डिग्रीधारियों को सबसे ज्यादा इंतजार तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा का है। क्योकि सरकार साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में एक भी भर्ती अभी तक पूरी नहीं करा सकी है। सरकार ने इस भर्ती को कराने के लिए पैटर्न भी बदला। लेकिन यह भी बेरोजगारों के नौकरी के सपने पूरे नहीं कर सका।
मेडिकल: नर्सिंग भर्ती से उम्मीद : चिकित्सा विभाग पुरानी भर्तियों के पेंच नहीं सुलझ रहे है। नई भर्ती की कई बार घोषणा हुई। लेकिन अभी तक विज्ञप्ति जारी नहीं हुई। जबकि पड़ोसी राज्यों में लगातार नर्सिंग की दो से तीन भर्ती हो चुकी है।

तकनीकी कर्मचारी: वर्षों से नहीं हुई भर्ती :

जलदाय विभाग व विद्युत निगम में वर्षों से तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। जलदाय विभाग में तकनीकी कर्मचारियों के लिए पिछली सरकार के समय विज्ञप्ति जारी हुई थी। लेकिन अभी तक भर्ती नियमों के दांव-पेच में उलझी हुई है।

झूठे वादे किए…

आजम खान का कहना है कि सरकार ने बेरोजगारों को नौकरी के सपने दिखाकर वोट ले लिए। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के नाम पर अभी तक कुछ नहीं है। सरकार को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए रीट के अलावा एक और राज्यस्तरीय परीक्षा करानी चाहिए। पिछले चुनाव में यही बेरोजगारों की मुख्य मांग थी।

सरकारी मंशा पर सवाल…

रणवीर महरिया का कहना है कि सरकार एक्सपर्ट से प्रश्न पत्र तैयार कराने का दावा करती है। लेकिन ज्यादातर बार प्रश्न पत्र के विवाद को लेकर अभ्यर्थी न्यायालय की शरण लेते है। इसके बाद भर्ती अटकती है। महरिया का कहना है कि यदि परीक्षा एजेन्सी प्रश्न पत्र व उत्तर कुंजी पर ज्यादा फोकस करें तो विवादों से बचा जा सकता है।

पहले घोषित हो कलेण्डर…

मुखराम का कहना है कि सरकार को हर वर्ष के शुरू में परीक्षाओं का कलेण्डर घोषित करना चाहिए। इससे बेरोजगारों का समय व धन दोनों बचेंगे। उनका कहना है कि कई बार बेरोजगार परीक्षा की तैयारी में जुटे रहते है और सरकार उस विभाग में परीक्षा नहीं कराती है। यदि उसे पहले से आगामी भर्तियों के बारे में जानकारी होगी तो फायदा मिलेगा।

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