Jodhpur news: Trauma Hospital To Be Opened In MDM Hospital

जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में खुलेगा ट्रोमा अस्पताल, इन सुविधाओं से होगा लैस

जोधपुर.

मथुरादास माथुर अस्पताल में सौ बेड का ट्रोमा अस्पताल बनाने के लिए राज्य सरकार ने डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज को 35 करोड़ रुपए दिए हैं। अस्पताल के नए ओपीडी ब्लॉक के पास में सौ बेड के ट्रोमा अस्पताल का शिलान्यास किया जाएगा। संभवत: अगले एक साल में ट्रोमा अस्पताल में बनकर तैयार हो जाएगा। इससे दुर्घटना के घायलों का त्वरित इलाज कर उनकी जान बचाई जा सकेगी।

अस्पताल में वर्तमान में ट्रोमा सेंटर है, जिसमें तीस बेड हैं और बीस बेड का ही आईसीयू हैं। ट्रोमा का अलग से ऑपरेशन थियेटर भी नहीं है, जिससे घायलों को कई बार सर्जरी के लिए इंतजार करना पड़ता हैं। ट्रोमा अस्पताल में अलग से जांच उपकरण होंगे। सौ बेड में से 30 बेड न्यूरो सर्जरी के, 30 बेड ऑर्थोपेडिक के और 30 बेड जनरल सर्जरी के होंगे। दस बेड का आईसीयू होगा। खुद का ऑपरेशन थियेटर होगा। सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, एक्स-रे सहित तमाम जांचें एक ही जगह होगी। ट्रोमा अस्पताल में आईसीयू के साथ एक रिसेप्शन भी होगा, जहां घायलों की जानकारी तुरंत उनके परिजनों को उपलब्ध कराई जाएगी।

एक साथ दो मरीजों की होगी एंजियोप्लास्टी

एमडीएम अस्पताल में ही एक और कैथ लैब के लिए सरकार ने 7 करोड़ रुपए का बजट दिया हैं। वर्तमान में अस्पताल में पहले से ही एक कैथ लैब संचालित है, जहां 12 साल में कई मरीजों की एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर, हृदय का छेद बंद करने सहित कई सर्जरी हो चुकी हैं। वर्तमान कैथ लैब के पास में ही नई कैथ लैब स्थापित की जाएगी। इससे एक साथ दो केस ऑपरेट हो सकेंगे, यानी एक ही समय में दो मरीजों की एंजियोग्राफी या एंजियोप्लास्टी हो सकेगी। नई कैथ लैब में नया थियेटर बनेगा। नई व अत्याधुनिक मशीनें आएगी। तकनीशियनों की भर्ती की जाएगी।

 

पुरानी कैथ लैब का सफर

– 13000 मरीजों की एंजियोग्राफी

– 3500 मरीजों की एंजियोप्लास्टी

– 500 मरीजों का पेसमेकर बदला

– 30 मरीजों के हृदय का छेद बंद किया

– 200 मरीजों का रहता है आउटडोर

– 12 साल से चल रही है कैथ लैब

 

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